SBI Clerk Expected Cut Off 2025: राज्यवार अनुमानित कट-ऑफ, पिछले वर्षों के ट्रेंड और परीक्षा विश्लेषण

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) हर साल लाखों उम्मीदवारों को बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। इस बार भी SBI Clerk 2025-26 भर्ती परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। SBI Clerk Preliminary Exam 2025 की शुरुआत 20 सितंबर 2025 से हो चुकी है और यह परीक्षा 21 और 27 सितंबर को भी आयोजित की जा रही है।

इस परीक्षा में करीब 12 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जबकि रिक्तियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों की निगाहें अब SBI Clerk Expected Cut Off 2025 पर टिकी हुई हैं। यह कट-ऑफ तय करेगी कि कौन उम्मीदवार Mains Exam तक अपनी जगह बना पाएंगे, जो कि नवंबर 2025 में आयोजित होना है।

इस ब्लॉग में हम आपको SBI Clerk Prelims 2025 के राज्यवार अनुमानित कट-ऑफ, पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड, परीक्षा की कठिनाई स्तर, और उन फैक्टर्स के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे जिन पर कट-ऑफ तय होती है।

SBI Clerk Prelims Expected Cut Off 2025: एक नजर

परीक्षा विश्लेषण और विशेषज्ञों की राय के आधार पर, इस साल का कट-ऑफ पिछले सालों से कुछ अलग रहने की संभावना है। परीक्षा की कठिनाई स्तर (Difficulty Level), सीटों की संख्या और उम्मीदवारों की संख्या को ध्यान में रखते हुए, नीचे राज्यवार अनुमानित कट-ऑफ (Out of 100) दी गई है।

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशअपेक्षित कट-ऑफ (100 में से)
आंध्र प्रदेश65 – 70
अरुणाचल प्रदेश45 – 55
असम60 – 67
बिहार47 – 55
छत्तीसगढ़55 – 62
चंडीगढ़62 – 68
दिल्ली65 – 72
गुजरात47 – 55
हरियाणा63 – 70
हिमाचल प्रदेश67 – 73
जम्मू एवं कश्मीर64 – 70
झारखंड50 – 57
कर्नाटक65 – 73
केरल64 – 72
मध्य प्रदेश60 – 68
महाराष्ट्र60 – 68
मणिपुर35 – 45
मेघालय55 – 63
मिज़ोरम/नागालैंड40 – 50
ओडिशा70 – 78
पंजाब65 – 72
राजस्थान60 – 68
सिक्किम55 – 62
तमिलनाडु55 – 63
तेलंगाना55 – 62
त्रिपुरा60 – 65
उत्तर प्रदेश60 – 67
उत्तराखंड65 – 72
पश्चिम बंगाल68 – 75

यह अनुमानित कट-ऑफ परीक्षा विश्लेषण और ट्रेंड्स के आधार पर है। असली कट-ऑफ परिणाम घोषित होने के बाद ही सामने आएगी।

क्यों जरूरी है SBI Clerk Expected Cut Off 2025 जानना?

कई उम्मीदवारों के मन में यह सवाल आता है कि परीक्षा के तुरंत बाद अनुमानित कट-ऑफ जानना क्यों महत्वपूर्ण है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  1. सेल्फ-इवैल्यूएशन (Self-Evaluation):
    उम्मीदवार यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके अंकों के आधार पर वे Mains Exam के लिए योग्य होंगे या नहीं।
  2. अगली रणनीति तय करना:
    यदि स्कोर कट-ऑफ के आसपास है, तो उम्मीदवार Mains की तैयारी और तेज कर सकते हैं।
  3. पिछले वर्षों की तुलना:
    कट-ऑफ देखकर यह समझ आता है कि परीक्षा किस दिशा में जा रही है — कठिन हो रही है या आसान।

SBI Clerk Prelims Exam Analysis 2025

शिफ्ट 1 परीक्षा विश्लेषण

20 सितंबर की पहली शिफ्ट में पूछे गए प्रश्न अपेक्षाकृत Moderate Level के रहे। English और Reasoning आसान से मध्यम स्तर के थे, जबकि Quantitative Aptitude सेक्शन ने उम्मीदवारों को चुनौती दी।

शिफ्ट 2 परीक्षा विश्लेषण

दूसरी शिफ्ट में कठिनाई स्तर लगभग पहले जैसा ही रहा। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि पज़ल और Sitting Arrangement ने समय खाया, जबकि Data Interpretation सेक्शन ने भी सोचने पर मजबूर किया।

कुल मिलाकर परीक्षा का स्तर Moderate रहा, जिसका सीधा असर अनुमानित कट-ऑफ पर पड़ा है।

SBI Clerk Prelims Cut Off Trend (2021 से 2024 तक)

उम्मीदवारों के लिए यह जरूरी है कि वे पिछले वर्षों की कट-ऑफ भी देखें। नीचे टेबल में SBI Clerk General Category (UR) का पिछले 4 वर्षों का कट-ऑफ ट्रेंड दिया गया है:

राज्य/UT2024-25202320222021
आंध्र प्रदेश68.7556.5066.25
अरुणाचल प्रदेश68.754169.25
असम60.756569.2568.50
बिहार47.2551
छत्तीसगढ़29.562.572.7576.5
चंडीगढ़65.25
दिल्ली6757.2583
गुजरात4751.5072.2564.5
हरियाणा645879.75
हिमाचल प्रदेश68.506480.25
जम्मू66.506677
झारखंड42.2556.5069.25
कर्नाटक72.55664.5064.25
केरल6476.256869
मध्य प्रदेश49.2567.5074.7581.75
महाराष्ट्र44.7571.7565.566.25
मेघालय54.7534.25
मणिपुर37
ओडिशा64.25777782
पंजाब60.2568.580.7575.5
राजस्थान59.557.257577.75
सिक्किम39.7558.5072.50
तमिलनाडु55.5065.5062.2561.75
तेलंगाना6042.56973.75
त्रिपुरा646177.5
उत्तर प्रदेश61.7560.5078.7581.25
उत्तराखंड64.7563.5078.7581.75
पश्चिम बंगाल61.258078.5079.75

इस टेबल से साफ है कि कट-ऑफ हर साल परीक्षा की कठिनाई और प्रतिस्पर्धा के हिसाब से काफी उतार-चढ़ाव करती है।

SBI Clerk Cut Off तय करने वाले मुख्य कारक

SBI Clerk Prelims 2025 की कट-ऑफ तय करने में कई फैक्टर्स भूमिका निभाते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  1. उम्मीदवारों की संख्या:
    इस बार 12 लाख+ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। ज्यादा संख्या होने से कट-ऑफ बढ़ने की संभावना रहती है।
  2. रिक्तियों की संख्या:
    यदि सीटें अधिक होंगी तो कट-ऑफ कुछ कम रह सकती है।
  3. परीक्षा का कठिनाई स्तर:
    आसान पेपर का मतलब है ज्यादा स्कोर और हाई कट-ऑफ, जबकि कठिन पेपर का मतलब है लोअर कट-ऑफ।
  4. पिछले वर्षों का ट्रेंड:
    SBI हमेशा पिछले सालों की कट-ऑफ को भी ध्यान में रखता है।
  5. राज्यवार प्रतिस्पर्धा:
    हर राज्य में उम्मीदवारों की संख्या और मेरिट अलग होती है, जिससे राज्यवार कट-ऑफ में अंतर आता है।

उम्मीदवारों के लिए अगले कदम

  1. Score Analysis करें:
    यदि आपका स्कोर अनुमानित कट-ऑफ से ज्यादा है, तो अब पूरी ऊर्जा Mains Exam की तैयारी पर लगाएं।
  2. Weak Areas सुधारें:
    प्री परीक्षा में जिन टॉपिक्स पर कठिनाई हुई, उन्हें Mains से पहले मजबूत करें।
  3. Mock Tests दें:
    SBI Clerk Mains के लिए नियमित रूप से Mock Tests देना बेहद जरूरी है।
  4. Previous Year Papers हल करें:
    इससे परीक्षा पैटर्न और सवालों की गहराई को समझने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

SBI Clerk Expected Cut Off 2025 न केवल उम्मीदवारों के लिए आत्म-मूल्यांकन का साधन है, बल्कि यह उन्हें Mains Exam की तैयारी के लिए मानसिक रूप से भी तैयार करता है। इस बार परीक्षा का स्तर Moderate रहा है और अनुमानित कट-ऑफ पिछले वर्षों के औसत से मेल खाती हुई नजर आ रही है।

हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि असली तस्वीर SBI Clerk Prelims Result 2025 आने के बाद ही सामने आएगी। तब तक उम्मीदवारों को Mains की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और खुद को प्रतियोगिता के लिए तैयार रखना चाहिए।

Leave a Comment